चैटजीपीटी में एक नया इमेज जेनरेशन फीचर जोड़ा गया है, जो उपयोगकर्ताओं को अपनी तस्वीरों को Ghibli शैली में बदलने की सुविधा देता है। इस फीचर के माध्यम से, लोग अपनी साधारण तस्वीरों को Ghibli की जादुई दुनिया में परिवर्तित कर पा रहे हैं, जिससे यह ट्रेंड सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है।

लेकिन यह एआई द्वारा कला के सृजन के नैतिक और कानूनी पहलुओं पर भी सवाल उठाता है। स्टूडियो Ghibli के संस्थापक हयाओ मियाज़ाकी ने एआई-जनित कला की आलोचना करते हुए इसे 'जीवन का अपमान' कहा था। उनका मानना है कि कला का असली मूल्य इंसान के अनुभवों, संवेदनाओं और मेहनत में निहित होता है

जैसे-जैसे एआई तकनीक विकसित हो रही है, वैसे-वैसे कला और तकनीक के बीच की सीमाएं धुंधली होती जा रही हैं। Ghibli ट्रेंड इस बात का उदाहरण है कि कैसे एआई लोगों को नई रचनात्मक संभावनाएं प्रदान कर सकता है।

Ghibli ट्रेंड ने सोशल मीडिया पर एक नई लहर पैदा की है, जहां लोग अपनी तस्वीरों को एक जादुई और कलात्मक रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। यह ट्रेंड न केवल मनोरंजक है, बल्कि यह कला, तकनीक, और नैतिकता के बीच के जटिल संबंधों पर विचार करने का अवसर भी प्रदान करता है।