Body Me Paani Ki Kami (Dehydration) Kyu Hota Hai?

Body Me Paani Ki Kami (Dehydration) Kyu Hota Hai?

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1 Body Me Paani Ki Kami (Dehydration) Kyu Hota Hai?

डिहाइड्रेशन (Dehydration) तब होता है जब शरीर में पानी की मात्रा सामान्य स्तर से कम हो जाती है, जिससे शरीर के महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित होने लगते हैं। पानी शरीर के तापमान को नियंत्रित करने, कोशिकाओं तक पोषक तत्व पहुँचाने, पाचन को सुचारू बनाने और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाता है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, शुष्क त्वचा, अत्यधिक प्यास और पेशाब की मात्रा में कमी जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं।

डिहाइड्रेशन का प्रमुख कारण पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना, अत्यधिक पसीना आना, उल्टी या दस्त के कारण पानी की अत्यधिक हानि होना, तथा तेज बुखार हो सकता है। यदि इसे समय रहते ठीक न किया जाए, तो यह गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है, जैसे कि किडनी की समस्याएँ और रक्तचाप में गिरावट। इसलिए, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और हाइड्रेटेड रहना बेहद जरूरी है।

Dehydration के कारण

डिहाइड्रेशन (Dehydration) तब होता है जब शरीर में पानी की मात्रा सामान्य से कम हो जाती है, जिससे शारीरिक क्रियाएँ प्रभावित होती हैं। यह कई कारणों से हो सकता है, जो व्यक्ति की जीवनशैली, पर्यावरणीय परिस्थितियों और स्वास्थ्य स्थितियों पर निर्भर करते हैं। नीचे डिहाइड्रेशन के प्रमुख कारणों की विस्तृत जानकारी दी गई है।

1. अपर्याप्त जल सेवन

शरीर को स्वस्थ रखने और विभिन्न शारीरिक प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है। जब कोई व्यक्ति पूरे दिन में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीता, तो शरीर में पानी की कमी होने लगती है, जिससे डिहाइड्रेशन की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

इसका कारण

  • अनदेखी करना: कई लोग अपने व्यस्त दिनचर्या के कारण पानी पीने पर ध्यान नहीं देते और बिना प्यास लगे पानी नहीं पीते।
  • बुजुर्गों में प्यास की संवेदना कम होना: जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, प्यास महसूस करने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे बुजुर्गों में डिहाइड्रेशन का खतरा अधिक बढ़ जाता है।
  • बीमारियों के कारण पानी कम पीना: कुछ लोग पेट खराब होने या किसी अन्य बीमारी के कारण पानी पीने से बचते हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है।

2. अत्यधिक पसीना आना

हमारा शरीर पसीने के माध्यम से खुद को ठंडा करता है, लेकिन जब अधिक मात्रा में पसीना निकलता है और पानी की पूर्ति नहीं होती, तो शरीर में पानी की कमी हो सकती है।

इसका कारण

  • गर्मी और उमस: बहुत गर्म और उमस वाले मौसम में शरीर से अधिक मात्रा में पसीना निकलता है, जिससे पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है।
  • शारीरिक श्रम और व्यायाम: अत्यधिक व्यायाम, खेल गतिविधियाँ, या मेहनत वाले कार्यों में शरीर अधिक पसीना बहाता है। यदि इस दौरान पर्याप्त पानी नहीं पिया जाए, तो डिहाइड्रेशन हो सकता है।
  • बुखार और संक्रमण: जब शरीर को संक्रमण होता है, तो बुखार के कारण अधिक पसीना आता है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है।

3. डायरिया और उल्टी

डायरिया (Diarrhea) और उल्टी (Vomiting) शरीर में पानी और आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट्स (जैसे सोडियम, पोटैशियम) की भारी मात्रा में हानि का कारण बन सकते हैं।

इसका कारण

  • गंभीर दस्त (Severe Diarrhea): यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक दस्त लगे रहते हैं, तो शरीर तेजी से पानी और पोषक तत्व खो देता है, जिससे डिहाइड्रेशन हो सकता है।
  • लगातार उल्टी होना: यदि कोई व्यक्ति भोजन विषाक्तता (Food Poisoning), गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संक्रमण या किसी अन्य कारण से बार-बार उल्टी कर रहा हो, तो शरीर में तरल पदार्थों की भारी कमी हो जाती है।
  • बच्चों में संक्रमण: छोटे बच्चों में डायरिया और उल्टी के कारण डिहाइड्रेशन का खतरा अधिक रहता है क्योंकि उनका शरीर जल्दी पानी खो सकता है।

4. अत्यधिक मूत्र त्याग (Frequent Urination)

अत्यधिक मूत्र त्याग (Frequent Urination) के कारण भी शरीर में पानी की कमी हो सकती है। मूत्र के माध्यम से अधिक मात्रा में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स निकलने से शरीर जल्दी डिहाइड्रेट हो सकता है।

इसका कारण

  • मधुमेह (Diabetes): जिन लोगों को डायबिटीज होता है, वे बार-बार पेशाब करते हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है। अनियंत्रित ब्लड शुगर के कारण शरीर अधिक मूत्र उत्पादन करता है, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है।
  • मूत्रवर्धक दवाएँ (Diuretics): कुछ दवाएँ शरीर से अतिरिक्त तरल पदार्थ निकालने का काम करती हैं। हाई ब्लड प्रेशर या हृदय संबंधी समस्याओं में दी जाने वाली मूत्रवर्धक दवाएँ पेशाब की मात्रा बढ़ा देती हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है।
  • कैफीन और अल्कोहल का अधिक सेवन: कैफीन युक्त पेय पदार्थ (जैसे चाय, कॉफी, एनर्जी ड्रिंक्स) और अल्कोहल (शराब) मूत्रवर्धक के रूप में कार्य करते हैं और शरीर से अधिक पानी बाहर निकालते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन हो सकता है।

डिहाइड्रेशन एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो सकती है, जिसका समय पर समाधान न किया जाए तो यह कई गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकती है। इसके मुख्य कारण अपर्याप्त पानी का सेवन, अत्यधिक पसीना आना, दस्त और उल्टी, तथा बार-बार मूत्र त्याग होना हो सकते हैं। इस समस्या से बचने के लिए दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, गर्मी में हाइड्रेटेड रहना, संतुलित आहार लेना और अत्यधिक कैफीन व अल्कोहल के सेवन से बचना चाहिए। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए अधिक ध्यान देने की आवश्यकता होती है।

Dehydration के संभावित लाभ

सामान्य परिस्थितियों में डिहाइड्रेशन का कोई स्वास्थ्य लाभ नहीं होता, बल्कि यह एक हानिकारक स्थिति मानी जाती है। हालांकि, कुछ विशेष परिस्थितियों में, नियंत्रित और अस्थायी रूप से शरीर में पानी की कमी का कुछ उपयोग देखा जा सकता है।

1. वजन घटाने के लिए

डिहाइड्रेशन के कारण शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है, जिससे अस्थायी रूप से वजन कम हो सकता है। विशेष रूप से, बॉडीबिल्डिंग, मॉडलिंग या कुश्ती जैसी प्रतिस्पर्धाओं में, लोग अपने शरीर में पानी की मात्रा को कम करके वजन घटाने का प्रयास करते हैं। हालांकि, यह वजन घटाने का एक अस्थायी तरीका है और लंबे समय तक इसे अपनाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

2. खेल प्रतियोगिता में

कुछ खेलों में, जैसे कि बॉक्सिंग, कुश्ती और मार्शल आर्ट्स, प्रतियोगियों को एक निश्चित वजन वर्ग में आना होता है। इसके लिए वे अस्थायी रूप से पानी का सेवन सीमित कर देते हैं ताकि शरीर का वजन कम हो जाए और वे अपनी वांछित श्रेणी में प्रतिस्पर्धा कर सकें। हालांकि, अत्यधिक पानी की कमी प्रदर्शन और ऊर्जा स्तर को प्रभावित कर सकती है।

3. चिकित्सा उद्देश्यों के लिए

कुछ मेडिकल परीक्षणों और प्रक्रियाओं के लिए मरीज को सीमित मात्रा में पानी पीने की सलाह दी जाती है। उदाहरण के लिए, कुछ प्रकार की सर्जरी, डायलिसिस और मूत्र संबंधी परीक्षणों के दौरान डॉक्टर अस्थायी रूप से पानी के सेवन को नियंत्रित करने की सलाह दे सकते हैं।

हालांकि, डिहाइड्रेशन को जानबूझकर बढ़ावा देना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए, किसी भी कारण से पानी का सेवन सीमित करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है।

Dehydration के लक्षण

डिहाइड्रेशन के लक्षण इसकी गंभीरता पर निर्भर करते हैं। यदि पानी की कमी हल्की होती है, तो शरीर कुछ शुरुआती संकेत देता है, लेकिन यदि डिहाइड्रेशन गंभीर हो जाता है, तो यह शरीर के विभिन्न अंगों को प्रभावित कर सकता है और चिकित्सा आपातकाल की स्थिति पैदा कर सकता है।

1. हल्के डिहाइड्रेशन के लक्षण

हल्का डिहाइड्रेशन होने पर शरीर कुछ सामान्य संकेत देता है, जिन्हें समय रहते पहचानकर पर्याप्त पानी पीकर स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है।

  • हल्की प्यास लगना।
  • हल्की थकान या कमजोरी महसूस होना।
  • मुँह और गला सूखना।
  • गहरे रंग का मूत्र आना (पीला या गाढ़ा पीला)।
  • हल्का सिरदर्द।
  • ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई।

2. मध्यम डिहाइड्रेशन के लक्षण

जब शरीर में पानी की कमी थोड़ी अधिक बढ़ जाती है, तो लक्षण अधिक स्पष्ट हो जाते हैं और असहजता महसूस होने लगती है।

  • अत्यधिक प्यास लगना।
  • शुष्क और फटी हुई त्वचा।
  • कम मात्रा में पेशाब आना।
  • तेज़ दिल की धड़कन।
  • चक्कर आना या हल्की बेहोशी महसूस होना।
  • मांसपेशियों में ऐंठन होना।

3. गंभीर डिहाइड्रेशन के लक्षण

यदि डिहाइड्रेशन बहुत अधिक बढ़ जाता है, तो यह शरीर के लिए गंभीर खतरा बन सकता है और तुरंत चिकित्सकीय मदद की जरूरत होती है।

  • अत्यधिक कमजोरी और भ्रम की स्थिति।
  • बहुत कम या न के बराबर पेशाब आना।
  • आँखें धँसी हुई लगना।
  • त्वचा में लोच की कमी (त्वचा खींचने पर तुरंत सामान्य स्थिति में न आना)।
  • अत्यधिक शुष्क मुँह और जीभ।
  • बेहोशी या मानसिक भ्रम की स्थिति।
  • रक्तचाप में गिरावट और झटके (शॉक) की स्थिति।

डिहाइड्रेशन को हल्के में नहीं लेना चाहिए। यदि इसके शुरुआती लक्षण दिखें, तो तुरंत पर्याप्त मात्रा में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का सेवन करना चाहिए। गंभीर लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना आवश्यक है।

गंभीर Dehydration के लक्षण

जब शरीर में पानी की अत्यधिक कमी हो जाती है, तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है। गंभीर डिहाइड्रेशन की स्थिति में शरीर के अंग और सामान्य कार्यप्रणाली प्रभावित होने लगती है, जिससे आपातकालीन चिकित्सा सहायता की आवश्यकता हो सकती है। इसके प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हैं:

1. अत्यधिक प्यास लगना

  • शरीर में तरल पदार्थों की भारी कमी होने पर व्यक्ति को अत्यधिक प्यास महसूस होती है।
  • मुँह और गला अत्यधिक सूख जाते हैं, जिससे निगलने में कठिनाई हो सकती है।

2. तेज दिल की धड़कन (टैकीकार्डिया)

  • डिहाइड्रेशन के कारण रक्त की मात्रा कम हो जाती है, जिससे हृदय तेजी से धड़कने लगता है।
  • रक्त प्रवाह बनाए रखने के लिए शरीर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे दिल पर अधिक दबाव पड़ता है।

3. पेशाब कम आना या बंद हो जाना

  • डिहाइड्रेशन में शरीर तरल पदार्थों को संरक्षित करने का प्रयास करता है, जिससे मूत्र उत्पादन में कमी आ जाती है।
  • पेशाब का रंग बहुत गहरा पीला या भूरा हो सकता है।
  • गंभीर मामलों में पेशाब पूरी तरह से बंद भी हो सकता है, जो किडनी फेल होने का संकेत हो सकता है।

4. भ्रम या चक्कर आना

  • डिहाइड्रेशन के कारण मस्तिष्क में पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं पहुँचते, जिससे व्यक्ति को चक्कर आने लगते हैं।
  • अत्यधिक कमजोरी और मानसिक भ्रम (Confusion) की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
  • गंभीर मामलों में व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है।

5. त्वचा में लचीलापन कम होना

  • शरीर में पानी की कमी के कारण त्वचा अपनी लोच (Elasticity) खो देती है।
  • त्वचा को हल्का खींचने पर वह तुरंत अपनी जगह पर नहीं लौटती, जो डिहाइड्रेशन का स्पष्ट संकेत होता है।

6. रक्तचाप में गिरावट (लो ब्लड प्रेशर)

  • शरीर में पानी की कमी होने से रक्त की मात्रा कम हो जाती है, जिससे रक्तचाप गिर सकता है।
  • अत्यधिक कमजोरी, बेहोशी और झटकों (Shock) की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जो जानलेवा हो सकती है।

गंभीर Dehydration में क्या करें?

यदि किसी व्यक्ति में गंभीर डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत चिकित्सा सहायता दिलानी चाहिए। इस स्थिति में केवल पानी पीना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स (सोडियम, पोटैशियम) की पूर्ति भी आवश्यक होती है। इसके लिए ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) या डॉक्टर द्वारा दिए गए इलेक्ट्रोलाइट घोल का सेवन करना चाहिए। यदि स्थिति अधिक गंभीर हो, तो अस्पताल में आईवी (Intravenous) फ्लूइड्स द्वारा शरीर में तरल पदार्थों की आपूर्ति करनी पड़ती है।

गंभीर डिहाइड्रेशन से बचने के लिए हमेशा पर्याप्त मात्रा में पानी पिएँ, खासकर गर्मी के मौसम में, व्यायाम के दौरान, या किसी बीमारी के दौरान जब शरीर अधिक तरल पदार्थ खोता है।

Dehydration का निदान

डॉक्टर निम्नलिखित तरीकों से डिहाइड्रेशन की पुष्टि कर सकते हैं:

1. शारीरिक परीक्षण

  • डॉक्टर त्वचा की नमी, लोच और तापमान की जाँच करते हैं।
  • आँखों और मुँह की नमी की जाँच की जाती है।
  • हृदय गति और रक्तचाप की जाँच से शरीर में पानी की कमी का पता लगाया जाता है।

2. मूत्र परीक्षण

  • मूत्र का रंग और मात्रा डिहाइड्रेशन का संकेत दे सकते हैं।
  • गहरा पीला या भूरा मूत्र और कम मूत्र उत्पादन शरीर में पानी की कमी का संकेत है।
  • कुछ मामलों में, डॉक्टर मूत्र विश्लेषण कर सकते हैं ताकि शरीर के इलेक्ट्रोलाइट संतुलन का आकलन किया जा सके।

3. रक्त परीक्षण

  • रक्त में सोडियम, पोटैशियम और अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स के स्तर की जाँच की जाती है।
  • किडनी के कार्य को परखने के लिए भी रक्त परीक्षण किया जाता है क्योंकि डिहाइड्रेशन से किडनी पर असर पड़ सकता है।

Dehydration का उपचार

डिहाइड्रेशन के स्तर के अनुसार उपचार किया जाता है:

1. हल्के डिहाइड्रेशन के लिए:

  • सामान्य पानी का सेवन बढ़ाएँ।
  • नारियल पानी, ताजे फलों का रस और सूप जैसे तरल पदार्थ लें।
  • अत्यधिक पसीना आने पर इलेक्ट्रोलाइट्स युक्त पेय का सेवन करें।

2. मध्यम डिहाइड्रेशन के लिए:

  • ओआरएस (ORS) या इलेक्ट्रोलाइट्स युक्त पेय लें।
  • कैफीन और अल्कोहल युक्त पेय से बचें, क्योंकि वे शरीर में पानी की और अधिक कमी कर सकते हैं।
  • पर्याप्त मात्रा में आराम करें और शरीर को ठंडा रखें।

3. गंभीर डिहाइड्रेशन के लिए:

  • तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।
  • अंतःशिरा (IV) द्रव (Intravenous Fluids) द्वारा शरीर में तरल पदार्थों की पूर्ति की जाती है।
  • अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता हो सकती है, विशेष रूप से यदि डिहाइड्रेशन के कारण शॉक, भ्रम या बेहोशी की स्थिति उत्पन्न हो गई हो।

डिहाइड्रेशन से बचने के लिए नियमित रूप से पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, संतुलित आहार लेना और गर्मी या व्यायाम के दौरान हाइड्रेटेड रहना आवश्यक है।

Dehydration से बचाव के उपाय

डिहाइड्रेशन से बचने के लिए निम्नलिखित सावधानियाँ बरतनी चाहिए:

1. दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीएँ

  • वयस्कों को प्रतिदिन कम से कम 8-10 गिलास पानी पीने की सलाह दी जाती है।
  • यदि आप अधिक शारीरिक श्रम कर रहे हैं या गर्मी में बाहर हैं, तो पानी की मात्रा और बढ़ाएँ।

2. गर्मी के मौसम में अधिक तरल पदार्थों का सेवन करें

  • अत्यधिक गर्मी में शरीर अधिक पसीना छोड़ता है, जिससे पानी की कमी हो सकती है।
  • नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और फलों के रस जैसे प्राकृतिक पेय का सेवन करें।

3. कैफीन और अल्कोहल का सेवन सीमित करें

  • कॉफी, चाय और शराब जैसे पेय पदार्थ मूत्रवर्धक (Diuretics) होते हैं, जो शरीर में पानी की कमी कर सकते हैं।
  • इनके अधिक सेवन से डिहाइड्रेशन की संभावना बढ़ जाती है।

4. शारीरिक गतिविधि के दौरान पानी का सेवन बढ़ाएँ

  • व्यायाम या खेल गतिविधियों के दौरान पसीना अधिक निकलता है, जिससे पानी की कमी हो सकती है।
  • व्यायाम से पहले, दौरान और बाद में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएँ।

Dehydration से होने वाले रोग

यदि डिहाइड्रेशन को अनदेखा किया जाए, तो यह कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है, जैसे:

1. गुर्दे की पथरी (Kidney Stones)

  • शरीर में पानी की कमी होने पर मूत्र अधिक गाढ़ा हो जाता है, जिससे गुर्दे में पथरी बनने की संभावना बढ़ जाती है।

2. मूत्र मार्ग संक्रमण (UTI – Urinary Tract Infection)

  • पानी की कमी से मूत्र की मात्रा कम हो जाती है, जिससे बैक्टीरिया मूत्र मार्ग में बढ़ सकते हैं और संक्रमण पैदा कर सकते हैं।

3. निम्न रक्तचाप (Low Blood Pressure)

  • डिहाइड्रेशन के कारण शरीर में रक्त की मात्रा कम हो जाती है, जिससे रक्तचाप गिर सकता है और चक्कर आने की समस्या हो सकती है।

4. गुर्दे की विफलता (Kidney Failure)

  • लंबे समय तक गंभीर डिहाइड्रेशन रहने से किडनी के कार्य प्रभावित हो सकते हैं और गुर्दे की विफलता हो सकती है।

5. शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन

  • शरीर में सोडियम, पोटैशियम और अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे मांसपेशियों में ऐंठन, कमजोरी और हृदय से जुड़ी समस्याएँ हो सकती हैं।

डिहाइड्रेशन को रोकने के लिए नियमित रूप से पानी पीना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना आवश्यक है। यदि डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत तरल पदार्थों का सेवन करें और गंभीर स्थिति में डॉक्टर से परामर्श लें।

Dehydration से पुनर्प्राप्ति

डिहाइड्रेशन से जल्दी ठीक होने और शरीर को पुनः सामान्य स्थिति में लाने के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाने चाहिए:

1. तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाएँ

  • सामान्य पानी, ओआरएस (ORS), नारियल पानी, फलों का रस और सूप जैसे तरल पदार्थ लें।
  • हल्के गर्म पानी में एक चुटकी नमक और चीनी मिलाकर पी सकते हैं, यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में सहायक होता है।

2. पोषक तत्वों से भरपूर भोजन करें

  • तरल पदार्थों के साथ-साथ पौष्टिक भोजन का सेवन करें, जिसमें फलों और सब्जियों की अधिक मात्रा हो।
  • तरबूज, खीरा, नारियल, दही और हरी पत्तेदार सब्जियाँ डिहाइड्रेशन से उबरने में मदद करती हैं।

3. अधिक आराम करें

  • डिहाइड्रेशन के कारण शरीर कमजोर हो सकता है, इसलिए पर्याप्त आराम और नींद लेना आवश्यक है।
  • अत्यधिक शारीरिक परिश्रम से बचें, खासकर गर्मी के मौसम में।

Dehydration की प्रक्रिया और उद्देश्य

डिहाइड्रेशन एक जैविक प्रक्रिया है, जो शरीर में पानी की कमी को दर्शाती है। यह तब होता है जब शरीर द्वारा उपयोग किए जा रहे या खोए जा रहे पानी की मात्रा, शरीर में लिए जा रहे पानी से अधिक होती है।

डिहाइड्रेशन का उद्देश्य:

  • शरीर के जल-संतुलन को बनाए रखना।
  • शरीर में उपलब्ध पानी का सही उपयोग सुनिश्चित करना।
  • गंभीर स्थिति में शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को बचाने के लिए पानी की बचत करना।

डिहाइड्रेशन के दौरान शरीर कुछ संकेत भेजता है, जैसे प्यास लगना, मुँह सूखना और पेशाब का रंग गहरा होना, जिससे व्यक्ति को पानी की जरूरत का एहसास होता है।

Dehydration के जोखिम

डिहाइड्रेशन का समय पर इलाज न करने पर यह कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है, जैसे:

1. गंभीर थकावट और कमजोरी

  • शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी से व्यक्ति अत्यधिक थका हुआ महसूस कर सकता है।
  • ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई और शारीरिक कमजोरी हो सकती है।

2. अंगों की क्षति

  • लंबे समय तक डिहाइड्रेशन रहने से हृदय, गुर्दे और यकृत (Liver) सहित कई अंग प्रभावित हो सकते हैं।
  • यह स्थिति विशेष रूप से बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए खतरनाक हो सकती है।

3. शॉक (Shock) की स्थिति

  • गंभीर डिहाइड्रेशन में रक्तचाप अत्यधिक गिर सकता है, जिससे शरीर शॉक (Hypovolemic Shock) में चला जाता है।
  • यह स्थिति जानलेवा हो सकती है और तुरंत चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है।

4. मृत्यु (Severe Cases में)

  • अत्यधिक पानी की कमी और उपचार न मिलने पर शरीर के महत्वपूर्ण अंग काम करना बंद कर सकते हैं, जिससे मृत्यु भी हो सकती है।

निष्कर्ष

डिहाइड्रेशन को हल्के में नहीं लेना चाहिए। इसके शुरुआती लक्षणों को पहचानकर तुरंत तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाना चाहिए। गंभीर मामलों में बिना देर किए चिकित्सा सहायता लेनी आवश्यक है। पानी की पर्याप्त मात्रा बनाए रखना स्वस्थ जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

डिहाइड्रेशन एक गंभीर स्थिति हो सकती है यदि इसे समय पर नहीं रोका जाए। उचित जल सेवन और शरीर की जरूरतों को समझकर, हम इस समस्या से बच सकते हैं। शरीर में जल संतुलन बनाए रखना स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए हमेशा पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें।

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